Monday, January 4, 2010

जिंदगी एक दौड़ है,



जिंदगी एक दौड़ है,
तुझे जाना है मंजिल के पार !

यहाँ मुश्किलें भी हो अगर,

चाहे कोई न हो तेरे साथ !
ये रास्ते तेरे हमसफ़र,
संग तेरे हवा आसमां !!

क्या सोचता है रे मुसाफिर,
तुझे है किसका इंतज़ार !
वो देख फ़िर नई सुबह खिली,
दे रही तुझको आर्शीवाद !
मंजिल तेरी अब दूर नहीं,
उसे है तेरे क़दमों की आह !!

तुझे चलना होगा तुझे चलना होगा,
यही है तेरे दिल की पुकार !
राही राही राही,
तुझे जाना है मंजिल के पार !

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