
जिंदगी एक दौड़ है,
तुझे जाना है मंजिल के पार !
यहाँ मुश्किलें भी हो अगर,
चाहे कोई न हो तेरे साथ !
ये रास्ते तेरे हमसफ़र,
संग तेरे हवा आसमां !!
क्या सोचता है रे मुसाफिर,
तुझे है किसका इंतज़ार !
वो देख फ़िर नई सुबह खिली,
दे रही तुझको आर्शीवाद !
मंजिल तेरी अब दूर नहीं,
उसे है तेरे क़दमों की आह !!
तुझे चलना होगा तुझे चलना होगा,
यही है तेरे दिल की पुकार !
राही राही राही,
तुझे जाना है मंजिल के पार !

No comments:
Post a Comment